पामिंग: हथेलियों का अँधेरा
- आराम से बैठें, कोहनियाँ मेज़ पर टिकाएँ और हथेलियों को आपस में रगड़कर थोड़ा गर्म करें।
- हथेलियों को कटोरी जैसा मोड़कर बंद आँखों पर रखें — गाल और माथे पर टिकें, पुतलियों पर कोई दबाव न पड़े।
- धीमी साँसें लें और अँधेरे को महसूस करें। फिर हथेलियाँ हटाकर धीरे-धीरे आँखें खोलें।
कैसा लग सकता है: कई लोगों को यह एक छोटे विश्राम जैसा लगता है, जैसे शोर भरे दिन में कुछ पल की चुप्पी।
यह क्या नहीं करता: नज़र का नंबर नहीं बदलता और न ही किसी नेत्र रोग पर असर करता है।